सोच का जाल
भविष्यवाणी करना: यह क्या है, रोज़मर्रा के उदाहरणों के साथ
- भविष्यवाणी करना
- किसी बुरे नतीजे को होने से पहले ही सच मान लेना।
यह अनुमान ऐसे भरोसे के साथ आता है मानो बात हो चुकी हो, और अक्सर उस हालात से बचने की वजह बन जाता है, जिससे अनुमान कभी परखा ही नहीं जाता।
रोज़मर्रा के उदाहरण
- दफ़्तर में
“इंटरव्यू में मेरा फ़ेल होना तय है, तो तैयारी का कोई फ़ायदा नहीं।”
- दोस्तों के साथ
“पार्टी में जाकर भी मुझे समझ नहीं आएगा कि क्या बोलूँ।”
- सेहत की चिंता
“यह सिरदर्द किसी गंभीर बीमारी में बदल जाएगा।”
विचार को जाँचने के सवाल
ThinkGO के सुकराती प्रश्नों से। एक या दो चुन लें; सबकी ज़रूरत नहीं है।
- सबसे बुरा क्या हो सकता है, और आप उससे कैसे निपटेंगे? सबसे अच्छा? सबसे संभावित?
- किन बातों से लगता है कि यह विचार सच है? किन बातों से लगता है कि नहीं?
- क्या यह एक तथ्य है, या ऐसा विचार जो तथ्य जैसा लगता है?
एक ज़्यादा निष्पक्ष विकल्प
जाल
“इंटरव्यू में मेरा फ़ेल होना तय है।”
ज़्यादा निष्पक्ष विचार
“मुझे नहीं पता इंटरव्यू कैसा जाएगा। जिन सवालों की उम्मीद है, उनकी तैयारी करके देखा जा सकता है कि क्या होता है।”
मददगार अभ्यास
जुड़े हुए सोच के जाल
स्रोत
- Beck, A. T. (1976). Cognitive Therapy and the Emotional Disorders. International Universities Press.
- Burns, D. D. (1980). Feeling Good: The New Mood Therapy. William Morrow.
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